मेरी रचना मेरी रचना

मेरी रचना मेरी रचना


मेरी रचना मेरी रचना

मेरी रचना मेरी रचना, प्रारंभ मे अंत मे ,

शून्य मे अनंत मे , अन्तह मन के हृदय गर्त से रचित कल्पना, मेरी रचना ||

नीर सी तरल है , प्रश्‍न सी सरल है , करणों मे आनंद है , समय सी मंद है ,अपनी धारा मे बहती ,शब्दों से कहती , सुरों से सुससज्जित किरणों की पवित्र आत्मा मेरी रचना ||

भक्त की प्रीत है, हिन्दी की जीत है , तम का प्रकाश है, निराशा मे आस है , समझो तो सार है वरना विस्तार है, अखंड ज्योति सी जगमग स्नेहयुक्त प्रार्थना मेरी रचना ||

नीरस का रस है ,रूप का यश है, आकार मे नगन्य है,मधुर है मग्न्न है| विचलित विचारों की ज्योति है,आनंदमुक्त सुख का मोतीहै| प्रचंड ध्वनि से पुलकित भविश्य की अवधारणा| मेरी रचना||

गति का अवरोध है ,बालक का बोध है, कवि का ज्ञान है ,अद्भुत है महान है, निराकार की छवि है ,शीतलता का रवि है, मृत्यूकाल से मुक़्त उत्साह से उज्ज्वल प्रस्तावना| मेरी रचना ||

 

Poet- Amit singh “Faizabadi”

is one of the finest writing by mrs. Amit singh “faizabadi”. He is a well known author , poet and social activist of this modern era.

“my-creation”

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2 comments on “मेरी रचना मेरी रचना

very nice poem. I like it very much.

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