Category: Poems


मेरी रचना मेरी रचना मेरी रचना मेरी रचना, प्रारंभ मे अंत मे , शून्य मे अनंत मे , अन्तह मन के हृदय गर्त से रचित कल्पना, मेरी रचना || नीर सी तरल है , प्रश्‍न सी सरल है , करणों मे आनंद है , समय सी मंद है ,अपनी धारा मे बहती ,शब्दों से कहती , सुरों Read more…